भारतीय ज्योतिष में 9 ग्रहों को नवग्रह (Navgraha) कहा जाता है। ये ग्रह हमारे जीवन, स्वभाव, स्वास्थ्य, धन, शिक्षा, विवाह और करियर पर गहरा प्रभाव डालते हैं। हर ग्रह की अपनी ऊर्जा और फल होता है।
☀️ 1. सूर्य (Sun)
कारक: आत्मा, पिता, मान-सम्मान, नेतृत्व, सरकारी नौकरी
प्रभाव:
सूर्य मजबूत हो तो व्यक्ति आत्मविश्वासी, नेता और प्रसिद्ध होता है।
कमजोर सूर्य से अहंकार, पिता से तनाव और स्वास्थ्य समस्या हो सकती है।
🌙 2. चंद्रमा (Moon)
कारक: मन, माता, भावनाएं, मानसिक शांति
प्रभाव:
मजबूत चंद्रमा से मन शांत, रचनात्मकता और अच्छी स्मरण शक्ति होती है।
कमजोर चंद्रमा से तनाव, डर, अनिद्रा और चिड़चिड़ापन होता है।
🔥 3. मंगल (Mars)
कारक: साहस, शक्ति, भाई, भूमि, रक्त
प्रभाव:
मजबूत मंगल से साहसी, ऊर्जावान और आत्मनिर्भर व्यक्ति बनता है।
कमजोर मंगल से गुस्सा, दुर्घटना और झगड़े की संभावना रहती है।
📘 4. बुध (Mercury)
कारक: बुद्धि, व्यापार, वाणी, शिक्षा
प्रभाव:
मजबूत बुध से व्यक्ति बुद्धिमान, व्यापारी और अच्छा वक्ता होता है।
कमजोर बुध से भ्रम, झूठ बोलना और पढ़ाई में समस्या आती है।
📿 5. गुरु (Jupiter)
कारक: ज्ञान, धर्म, धन, संतान, विवाह
प्रभाव:
मजबूत गुरु से जीवन में सुख, धन और सम्मान मिलता है।
कमजोर गुरु से गलत निर्णय और आर्थिक परेशानी होती है।
💖 6. शुक्र (Venus)
कारक: प्रेम, सौंदर्य, विवाह, सुख-सुविधा
प्रभाव:
मजबूत शुक्र से सुखी दांपत्य जीवन और ऐश्वर्य मिलता है।
कमजोर शुक्र से रिश्तों में तनाव और भोग-विलास की कमी होती है।
🪐 7. शनि (Saturn)
कारक: कर्म, संघर्ष, आयु, नौकरी
प्रभाव:
मजबूत शनि से मेहनत का फल देर से लेकिन स्थायी मिलता है।
कमजोर शनि से बाधाएं, देरी और दुख आते हैं।
☊ 8. राहु (Rahu)
कारक: भ्रम, विदेशी यात्रा, अचानक लाभ
प्रभाव:
राहु व्यक्ति को चतुर और चालाक बनाता है।
गलत स्थिति में राहु धोखा, नशा और गलत संगत देता है।
☋ 9. केतु (Ketu)
कारक: मोक्ष, आध्यात्म, रहस्य
प्रभाव:
केतु से आध्यात्मिक ज्ञान और वैराग्य मिलता है।
कमजोर केतु से भ्रम, भय और अकेलापन होता है।
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