तिथि, नक्षत्र, योग, करण आदि
- तिथि (Tithi):
शुक्ल द्वितीया – 24 अगस्त, 11:48 AM से 25 अगस्त, 12:35 PM तक (उज्जैन संदर्भ) - नक्षत्र (Nakshatra):
पूर्व फाल्गुनी – 24 अगस्त, 12:54 AM से 25 अगस्त, 2:05 AM तक, तत्पश्चात उत्तर फाल्गुनी प्रारंभ - योग (Yoga):
शिव योग – 23 अगस्त, 1:19 PM से 24 अगस्त, 12:29 PM, तत्पश्चात सिद्ध योग - करण (Karana):
बव करण – 23 अगस्त, 11:38 PM से 24 अगस्त, 11:48 AM
बालव करण – 24 अगस्त, 11:48 AM से आगे
सूर्योदय / चंद्रोदय
- उज्जैन:
सूर्योदय: 6:10 AM, सूर्यास्त: 6:48 PM
चंद्र उदय: 6:52 AM, चंद्रास्त: 7:36 PM - नई दिल्ली/ पूरे भारत में सामान्यतः:
सूर्योदय: लगभग 5:57 AM, सूर्यास्त: लगभग 6:49 PM
शुभ व अशुभ काल (मुहूर्त)
- राहुकाल:
5:13 PM – 6:48 PM (उज्जैन) - यमगण्ढ काल:
12:29 PM – 2:03 PM - गुलिका काल:
3:38 PM – 5:13 PM - दुर्मुहूर्त:
5:06 PM – 5:57 PM - वर्ज्य (Varjyam):
9:17 AM – 10:58 AM - शुभ मुहूर्त:
- अभिजित मुहूर्त: 12:03 PM – 12:54 PM
- अमृत काल (रात्रि): 7:21 PM – 9:02 PM
- ब्रह्म मुहूर्त: 4:34 AM – 5:22 AM
चौघड़िया मान (उज्जैन)
दिन चौघड़िया:
उद्वेग: 6:10–7:45 AM • चर: 7:45–9:19 AM • लाभ: 9:19–10:54 AM • अमृत: 10:54–12:29 PM • काल: 12:29–2:03 PM • शुभ: 2:03–3:38 PM • रोग: 3:38–5:13 PM • उद्वेग: 5:13–6:48 PM
रात्रि चौघड़िया:
शुभ: 6:48–8:13 PM • अमृत: 8:13–9:38 PM • चर: 9:38–11:04 PM • रोग: 11:04–12:29 AM • काल: 12:29–1:54 AM • लाभ: 1:54–3:20 AM • उद्वेग: 3:20–4:45 AM • शुभ: 4:45–6:10 AM
सारांश सारणी
| घटक | विवरण |
|---|---|
| तिथि | शुक्ल द्वितीया (11:48 AM से) |
| नक्षत्र | पूर्व फाल्गुनी → उत्तर फाल्गुनी |
| योग | शिव योग → सिद्ध योग |
| करण | बव → बालव |
| सूर्योदय/सूर्यास्त | ~6:10 AM / ~6:48 PM (उज्जैन) |
| राहुकाल | 5:13 PM – 6:48 PM |
| यमगण्ढ / गुलिका / वर्ज्य | दिए गए समय |
| शुभ मुहूर्त | अभिजित, अमृत (शाम), ब्रह्म मुहूर्त |
| विशेषता | कोई प्रमुख तीज-त्योहार नहीं — शांत दिन |
मार्गदर्शन / सलाह
- नई शुरुआत (व्यवसाय, पूजा आदि) हेतु अभिजित मुहूर्त (12:03–12:54 PM) श्रेष्ठ विकल्प।
- संध्याकालीन पूजा/ध्यान के लिए अमृत काल (7:21–9:02 PM) अत्यंत शुभ।
- सुबह मधुर शुरुआत, जैसे योग/आसन—ब्रह्म मुहूर्त (4:34–5:22 AM) सर्वोत्तम।
- राहु, यमगण्ढ, गुलिका, व वर्ज्य समयों में नए कार्य न करें।
- दिन की शुरूआत—सूर्योदय के बाद हल्का पूजा/संध्याकाल, कैजुअल कार्य करें।
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